ब्यूरो चीफ:- मध्यप्रदेश
पुलिस अधीक्षक श्री अंकित सोनी के सशक्त, संवेदनशील एवं मानवीय नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में अपहृत एवं गुमशुदा नाबालिग बालक-बालिकाओं की शीघ्र दस्तयाबी हेतु अत्यंत गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निरंतर प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही हैं। इसी क्रम में गुना पुलिस को एक और बड़ी सफलता प्राप्त हुई है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुना श्री मान सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन तथा सीएसपी श्रीमती प्रियंका मिश्रा के पर्यवेक्षण में कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव एवं उनकी पुलिस टीम द्वारा थाना क्षेत्र से लापता 16 वर्षीय नाबालिग बालक को सुरक्षित दस्तयाब कर विधिवत प्रक्रिया के पश्चात उसके परिजनों को सौंपा गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कैंट थाना क्षेत्र से 16 वर्षीय नाबालिग बालक के घर से लापता होने पर दिनांक 06 जनवरी 2026 को बालक के पिता द्वारा कैंट थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस द्वारा तत्परता दिखाते हुए अपराध क्रमांक 18/26, धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर बालक की तलाश प्रारंभ की गई।
पुलिस अधीक्षक श्री अंकित सोनी द्वारा नाबालिगों से संबंधित मामलों में त्वरित, संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण से कार्रवाई के निर्देशों के पालन में कैंट थाना पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया तथा आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए बालक की सघन तलाश की। संकलित सूचनाओं के आधार पर सभी संभावित स्थानों पर लगातार प्रयास किए गए।

इसी क्रम में दिनांक 22 जनवरी 2026 को पुलिस को बालक के संबंध में पुख्ता सूचना प्राप्त हुई, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए कैंट थाना पुलिस ने बालक को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया। इसके पश्चात विधिसम्मत कार्रवाई पूर्ण कर बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां समिति की अध्यक्ष श्रीमती डॉ. नीरू शर्मा एवं सदस्यों द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर बालक को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
इस सराहनीय कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव, उपनिरीक्षक ज्योति राजपूत, सहायक उपनिरीक्षक मिट्टूलाल विसोरिया, आरक्षक गोविंद सिंह एवं महिला आरक्षक रक्षा कंवर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गुना पुलिस की यह कार्रवाई न केवल तत्परता का परिचायक है, बल्कि नाबालिगों की सुरक्षा के प्रति पुलिस की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।



